लिमिट लगाने के कारण धान खरीदी में भगदड़ की स्थिति से किसान परेशान, 8 जनवरी को किसान संगठनों के राष्ट्रव्यापी गांव बंदी आन्दोलन को समर्थन देने का निर्णय
दक्षिणापथ, दुर्ग। छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन की बैठक में धान खरीदी में दैनिक लिमिट निर्धारित करने के कारण किसानों को हो रहे परेशानियों पर चर्चा की गई, इसके अलावा धान खरीदी के लिये किसानों के पंजीकृत रकबे में कटौती को लेकर आक्रोश व्यक्त किया गया। इसके अलावा किसान सम्मान निधि की राशि पात्र किसानों को अब तक नहीं मिलने, सभी किसानों के कर्ज एक साल बाद भी माफ न होने पर भी चर्चा की गई, लिखित सहमति के बिना किसानों के बचत खाते से धान बिक्री की राशि में से कर्ज की राशि काटे जाने पर भी रोष व्यक्त किया गया।
बैठक में निर्णय लिया गया है कि किसानों के काटे गए रकबे को जोडऩे और धान खरीदी की सभी बाधाएं दूर करने की मांग को लेकर प्रभावित किसान सोमवार 30 दिसंबर को कलेक्टर से गोहार लगायेंगे। स्वामीनाथन आयोग के सी-2+50 प्रतिशत सूत्र के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य देने, सभी किसानों के कर्जे माफ करने, न्यूनतम समर्थन मूल्य के कम में कृषि उपज की खरीदी रोकने के लिये कानूनी प्रावधान करनें किसान पेंशन देने आदि मांगों को लेकर राष्ट्रीय किसान समन्वय संघर्ष समिति के आव्हान पर 8 जनवरी को घोषित गांव बंदी आंदोलन को समर्थन प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।
बैठक में आईके वर्मा, एड. राजकुमार गुप्त, झबेंद्र भूषण दास वैष्णव, मेघराज मढ़रिया, बद्रीप्रसाद पारकर, बाबूलाल साहू, प्रमोद पवांर, कल्याण सिंह ठाकुर, माधोप्रसाद साहू, मंगलूराम बघेल, वेदनाथ हिरवानी, सूरज, रमेश, परदेशी साहू, डोमार सिंह, उत्तरा पटेल, देवशरण साहू, आशीष साहू, भगवती मढ़रिया, ईश्वरी साहू, हिरदेराम साहू, हरिनारायण पटेल, एमएल पटेल, दीपक यादव, पंचराम साहू, युवराज चंद्राकर, कांतिलाल देशमुख, कृष्णा साहू, नरेश वर्मा आदि उपस्थित थे।
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