सोमवार, 10 जून 2019

छत्‍तीसगढ़ के नंदीराज पहाड़ को अडानी को बेचने के विरोध में आदिवासियों का घरना लगातार जारी

किरन्‍दुल, छत्‍तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के बैलाडीला पर्वत श्रृंखला के नंदीराज पहाड़ पर स्थित एनएमडीसी की डिपॉजिट 13 नंबर खदान को अडानी ग्रुप को दिए जाने के बाद से वहां पेड़ों की कटाई और वाहनों की आवाजाही आरंभ हो गई थी। इस पहाड़ी में लौह अयस्क का भंडार होने के कारण अडानी के द्वारा शीघ्रता से खनन आरंभ किया जाना था। आदिवासियों का मानना है कि इस पहाड़ में उनके इष्ट देवता प्राकृतिक गुरु नन्दी राज की धर्म पत्नी पितोड़ रानी विराजमान हैं। नंदीराज पहाड़ से आदिवासियों की परंपरा, अस्तित्व, आस्था और अस्मिता का जुड़ाव है। 
क्षेत्र के आदिवासी खनन आरंभ होने का विरोध कर रहे थे किन्‍तु उनका विरोध संगठनात्‍मक रूप नहीं ले पाया था। पिछले गुरुवार को आदिवासियों ने संयुक्त पंचायत समिति के बैनर तले एकजुट होकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। हजारों की संख्‍या में आदिवासियों ने अपने-अपने गांवों से लगभग 40-50 किलोमीटर पैदल चलकर एनएमडीसी किरन्‍दुल के खदान जाने के मुख्‍य रास्‍ते पर आकर बैठ गए। हालांकि पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव नें कहा है कि आदिसासी बगैर सूचना दिए धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं अनुविभागीय अधिकारी नें भी कहा है कि आदिवासियों के  द्वारा धरना प्रदर्शन के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई है। खबर है कि डिपोजिट 13 खदान को संयुक्त उद्यम कंपनी एनसीएल के तहत विकसित किया जा रहा है। आदिवासियों के विरोध के संबंध में एनसीएल के मुख्य कार्यपालन अधिकारी वीएस प्रभाकर ने कहा कि खनन गतिविधियों से आदिवासियों के पवित्र स्थान को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा।


इधर बैलाडिला के डिपॉजिट 13 में उत्खनन के विरोध में पिछले चार दिनों से ग्रामीणों का धरना प्रदर्शन अनवरत जारी है। शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी भी धरना स्थल पर पहुंचे, उन्होंने ग्रामीणों की मांग को वाजिब बताया। खदान मजदूर कर्मचारी संगठन भी पंचायत संघर्ष समिति के इस आन्‍दोलन के समर्थन में आ गई है। मजदूर संगठन के समर्थन के बाद उत्खनन कार्य अब पूरी तरह ठप हो गया है। मजदूर संगठनों नें मजदूरों से आवश्‍यक सेवाओं के अतिरिक्‍त सभी कार्य बंद करने का आहवान किया है।  
हमने भी इस आन्‍दोलन के संबंध में किरन्‍दुल जाकर कुछ जानकारी एकत्र की और घरना स्‍थल पर उपस्थित आदिवासियों एवं उनका समर्थन कर रहे नेताओं से बात-चीत की है। आन्‍दोलन स्‍थल के कुछ वीडियो हमारे पाठकों के लिए प्रस्‍तुत है -

सुनिये हल्‍बी में एक सरपंच से आन्‍दोलन की कथा-व्‍यथा..

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