गुरुवार, 19 दिसंबर 2019

कमिश्नर द्वारा रायपुर और महासमुन्द जिले के कृषि उपज मंडियों का आकस्मिक निरीक्षण

सात-आठ सालों बाद खुली बोली के माध्यम से धान की खरीद-बिक्री फिर से शुरू

रायपुर, रायपुर कमिश्नर श्री जी आर चुरेन्द्र ने आज रायपुर और महासमुन्द जिले के चार धान उपज मंडियों आरंग, पिथौरा, बसना, सरायपाली का आकस्मिक निरीक्षण किया और खुली बोली के माध्यम से किये जा रहे धान क्रय-विक्रय का अवलोकन किया। उल्लेखनीय है कि ये सभी कृषि उपज मंडियांे में पिछले सात-आठ सालों से खुली बोली के माध्यम से धान की खरीद-बिक्री बंद थी। कमिश्नर ने मंडियों के माध्यम से धान की खरीद-बिक्री के प्रति संतोष वक्त किया।

मंडी प्रांगण में लाईसेंसी व्यापारियों,छोटे व्यापारियों, किसानों,बिचोलियो द्वारा लाये गए धान को बोली लगाकर खरीदने की व्यवस्था होने से मण्डी प्रांगण में बिक्री होने से जहां 15 क्विंटल से अधिक धान उगाने वाले किसानों को लाभ मिलेगा, वहीं लाईसेंसी व्यापारियों को प्रोत्साहन मिलेगा और मण्डी समितियों का आय स्त्रोत बढ़ेगा इससे गांव के छोटे व्यापारियों को भी लाभ मिलेगा। इससे अवैध धान के संग्रहण पर भी रोकथाम लगेगी।

कमिश्नर द्वारा संभाग के सभी जिला कलेक्टरों को कृषि उपज मंडी में धान की खरीद और बिक्री के लिए सहयोग करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने इसके लिए पत्र लिखकर संबंधित अनुविभाग के राजस्व अधिकारियों के माध्यम से मंडियांे में धान की खरीद-बिक्री करने के लिए कार्यशाला सह बैठक करवाने के निर्देश दिए थे।

मंडियों द्वारा धान खरीदी-बिक्री की यह व्यवस्था अब गरियाबंद जिले के गरियाबंद, छुरा आदि मंडियों के साथ-साथ अन्य जिलों में भी शुरू हो गई है। उल्लेखनीय है कि कृषि उपज मंडी पिथौरा और बसना में प्रतिदिन करीब दो-दो हजार बोरा धान तथा आरंग मंे करीब आठ सौ बोरा धान आ रहा है। कमिश्नर ने इसी तरह अवैध भण्डारण करने वाले कोचियों एवं बिचोलियों के विरूध कार्रवाई करने को कहा है।

अवलोकन के दौरान कमिश्नर ने इन मंडी प्रागंणों में संचालित धान खरीदी केन्द्रों का भी अवलोकन किया। इन समितियों में खरीदे गए धान का उठाव शुरू हो चुका है और यहां खरीदे गए धान के रखरखाव एवं स्टेकिंग की समुचित व्यवस्था की गई है। कमिश्नर ने  किसानों से बातचीत भी की। इन किसानों ने धान खरीदी की व्यवस्था की तारीफ की और संतुष्टि व्यक्त की।

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