अमेरिका में रहने वाले भारतवंशी आयुष कुमार 10 वर्ष की उम्र में गेमिंग एप बनाने वाले सबसे छोटे डेवलपर(developer) बन गए हैं। दरअसल आयुष ने ये नामुमकिन काम अपने पिता के एक चैलेंज पर कर दिखाया है। आयुष के पिता टेक्नोलॉजी फील्ड से हैं और उन्होंने ही आयुष को गेमिंग एप बनाने का चैलेन्ज दिया था। आयुष ने इसे 10 दिन में ही कर दिखाया।
आयुष के पिता ने बताया कि आयुष को हर रोज सिर्फ 30 मिनट के लिए लैपटॉप मिलता था। इतने कम समय में ही वह कोडिंग और गेमिंग दोनों करता था। आयुष का पसंदीदा काम कोडिंग है। बता दें कि आयुष 4 वर्ष की छोटी उम्र से ही कोडिंग करने का काम करता है। आयुष के बनाए एप को 3 जून को एप्पल की वर्ल्डवाइड डेवेलपर्स कांफ्रेंस में पेश किया गया था। फिलहाल एप का रिव्यु चल रहा है जिसके बाद इसे एप्पल स्टोर पर अपलोड किया जाएगा।
इस नामुमकिन को मुमकिन बनाने के बाद एप्पल ने आयुष और उसके पिता का इंटरव्यू किया। इंटरव्यू में पिता ने कहा, आयुष को मोबाइल और कंप्यूटर के लिए 30 मिनट का समय मिलता था। इतने में वह कोडिंग के साथ गेमिंग भी कर लेता था। इसी को देखते हुए मैंने आयुष को एप्पल के डेवलपर कांफ्रेंस में जाने की चनौती दी थी। मैंने उससे कहा था कि वह कम्पटीशन में क्वालीफाई तो नहीं कर पायेगा लेकिन उसे चैलेन्ज स्वीकार करना चाहिए।
आयुष के पिता ने कहा कि उसने चैलेन्ज एक्सेप्ट किया और महज़ 10 दिन में ही फिजिक्स पर आधारित एप बना डाला।
आयुष ने कहा, मेरे माता- पिता टेक्नोलॉजी फील्ड से हैं.उन्हें कोडिंग करते देख बचपन से ही कोडिंग पसंद आने लगी थी। ऐसे में एप बना मुश्किल काम नहीं था।
गौरतलब है कि एप्पल का स्कालरशिप प्रोग्राम छोटे बच्चों को डेवलपर कांफ्रेंस में हिस्सा लेने का मौका देता है। इस कांफ्रेंस में शामिल होने की मिनिमम उम्र 13 वर्ष है लेकिन आयुष की कौशल देखते हुए एप्पल ने उसे छूट दी थी।

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