उपराष्ट्रपति ने यह बात गुजरात के इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ रूरल मैनेजमेंट के 40वें स्थापना दिवस समारोह में कही जहां वह बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थे।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शिक्षा को सिर्फ कक्षाओं तक सीमित नहीं करना चाहिए,बल्कि शिक्षा के माध्यम से मनुष्य का सतत विकास होना चाहिए।
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