देश भर में संशोधित नागरिकता कानून के समर्थन में अब आवाज़ बुलंद हो रही है.. संशोधित नागरिकता कानून पर जन जागरण अभियान चलाने के बीजेपी के फ़ैसले के बाद इस क़ानून के समर्थन में भाजपा ने सोमवार को कोलकाता में एक विशाल रैली का आयोजन किया। मध्य कोलकाता के हिंद सिनेमा से श्यामबाजार तक आयोजित इस रैली में भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ प्रदेश भाजपा प्रमुख दिलीप घोष और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे।
इस रैली में नड्डा ने प.बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी पर भी हमला बोला और कहा की वोट बैंक की पॉलिटिक्स की वजह से ममता बैनर्जी इस का विरोध कर रही हैं। साथी ही नड्डा ने जवाहर लाल नेहरू और मनमोहन सिंह के धार्मिक तौर पर प्रताड़ित शरणार्थियों को नागरिकता देने के समर्थन में दिए गए वक्तव्य का हवाला देते हुए कॉंग्रेस पर हमला करते हुए कहा की संकीर्ण राजनीति के लिए देशहित से आगे पार्टी हित रखना ग़लत है। कोलकाता पुलिस ने जेपी नड्डा के मार्च को अनुमति देने से इनकार कर दिया था।
हालांकि बाद में इजाजत दे दी और अब सिलिगुड़ी पुलिस ने भाजपा को इस क़ानून के समर्थन में रैली करने के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया है.. इस कानून का विरोध कर रही ममता को सोमवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय से बड़ा झटका लगा जब मुख्य न्यायाधीश टीबीएन राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी की खंडपीठ ने अदालत के अंतिम आदेश देने तक राज्य सरकार को संशोधित नागरिकता कानून से जुड़े सभी तरह के मीडिया अभियानों पर रोक लगाने का निर्देश दिया..अगली सुनवाई नौ जनवरी को होगी।
नागरिकता संशोधन कानून पर मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर से किसी को आतंकित होने की जरूरत नहीं है चाहे फिर वे किसी भी समुदाय के हो..दोनों पूरी तरह से अलग है। नागरिकता संशोधन कानून कितने ही विस्थापितों के लिए बेहतर भविष्य की आस लाया है। जैसलमेर में सीएए के समर्थन में हिन्दू विस्थापितों ने स्थानीय लोगो के साथ सोमवार को मौन रूप से जनसमर्थन मार्च निकाला । इन पाक विस्थापितों ने नए कानून का समर्थन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृहमंत्री अमित शाह को धन्यवाद दिया ।
इस बीच राहुल गांधी, मनमोहन सिंह, प्रियंका गाँधी वाड्रा समेत कई कांग्रेसी नेताओं ने राज घाट पर विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। वहीं चेन्नई में डीएमके ने बिल का विरोध किया। अगले कुछ दिनों मे BJP देश भर में 1000 रैली करने जा रही है. पार्टी ने रैली में स्थानीय नेताओं के साथ साथ राष्ट्रीय नेताओं को भी शामिल होने का निर्देश दिया है। क्योंकि सीएए को लेकर व्याप्त भ्रम दूर करना ज़रूरी है।

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