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मंगलवार, 4 जून 2019

किसानों की आमदनी बढ़ाने हेतु नरवा, गरवा, घुरवा एवं बाड़ी विकास जरूरी : कृषि उत्पादन आयुक्त

रायपुर, 04 जून 2019/ अपर मुख्य सचिव एवं कृषि उत्पादन आयुक्त श्री के.डी.पी. राव की अध्यक्षता में आज मंत्रालय (महानदी भवन) में अंर्तविभागीय कार्यकारी समूह की बैठक लेकर विभाग की शासकीय योजनाओं की समीक्षा। समीक्षा बैठक में विभाग की एक्सेटेंशन रिफाम्र्स ’’आत्मा’’ योजना से कृषकों को प्रशिक्षण देने एवं कृषक भ्रमण सह प्रशिक्षण के लिए कार्ययोजना तैयार करने और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी विकास कार्य में अधिक से अधिक कार्य लेने की प्रस्ताव तैयार करने निर्देश दिए। 
श्री राव ने कहा कि प्रदेश के किसानों की आमदनी बढ़ानी है तो नरवा, गरूवा, घुरवा एवं बाड़ी विकास के कार्यो को बढ़ावा देने की सक्त आवश्यकता है। आगे उन्होंने कहा कि फामर्स ट्रेनिंग के लक्ष्य को बढ़ाने के साथ-साथ अधिक किसानों को फामर्स टेªनिंग का लाभ दिया जाए, जिससे कृषि क्षेत्र की उत्पादकता में वृद्धि हो।
श्री राव ने कहा कि नरवा विकास के कार्यो को भी प्राथमिकता देवे जिससे सिंचाई के लिए पानी उपलब्धता बढ़े और नरवा में मछली पालन को बढ़ावा दिया जा सके। बैठक में विभाग के द्वारा प्रस्तुतिकरण के माध्यम से वर्ष 2018-19 हेतु स्वीकृत कार्ययोजना की प्रगति, आत्मा योजनांतर्गत स्वीकृत पदों की जानकारी और वर्ष 2019-20 के राज्य स्तरीय विस्तार कार्ययोजना के प्रस्ताव पर चर्चा किया गया। 
बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास सचिव सुश्री रीता सांडिल्य, कृषि सचिव श्री हेमंत पहारे, पशुधन सेवाएं संचालक श्री सी.आर. प्रसन्ना, विशेष सचिव सहकारिता श्री धनंजय देवांगन, संचालक कृषि श्री भीम सिंह, संचालक मत्स्य विभाग श्री व्ही.के. शुक्ला सहित कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने बेलसर में किया आदर्श गौठान का उद्घाटन

शंकरगढ़ में केन्द्रीय जिला सहकारी बैंक की शाखा खोलने की घोषणा

रायपुर, 04 जून 2019/ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखण्ड शंकरगढ़ के ग्राम बेलसर में आदर्श गौठान का उद्घाटन किया। यह गौठान 1.2 हेक्टेयर भूमि पर बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने शंकरगढ़ में केन्द्रीय जिला सहकारी बैंक की शाखा खोले जाने की घोषणा की। इसके साथ ही इन्होंने विभिन्न योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को सामग्री एवं चेक वितरित किए।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने बड़ी संख्या में पधारे ग्रामीणजनों का अभिवादन स्वीकार करते हुये कहा कि नरवा, गरूवा, घुरवा एवं बाऱी योजना एक महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना से एक ओर हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था समृद्ध होगी, वहीं हमारे गांवों के स्वास्थ्य में भी सुधार होगा। रसायनिक खादों के अत्यधिक प्रयोग से अनेक गंभीर बीमारियों का खतरा पैदा हो जाता है, रसायनिक खादों से जहां कृषि लागत बढ़ती है, वहीं भूमि की उपजाऊ शक्ति कम होती है। नरवा, गरूवा, घुरवा एवं बाऱी योजनान्तर्गत निर्मित गौठानों से वर्मी कम्पोस्ट खाद का उत्पादन बढ़ेगा। इन खादों के उपयोग से फसलों की पैदावार बढ़ेगी, हमें शुद्ध अनाज एवं साग-सब्जी मिलेगी, जो हमारी सेहत के लिए अच्छा होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में बहने वाले नदी-नालों में स्टाॅप डेम निर्मित किये जायेंगे, इस जलसंचय का उपयोग फसलों की सिंचाई के रूप में किया जायेगा। 
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि एक समय था जब हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था बहुत समृद्ध हुआ करती थी, सभी लोग गाय पालना अपना सौभाग्य समझते थे। आज कल गायों को चारे की कमी के कारण खड़ी फसलों के पास जाकर अपना पेट भरना पड़ता है जिससे फसलें बर्बाद होती हैं। इन्हीं स्थितियों को दूर करने के लिये सभी गांवों में गौठान निर्माण करने की आवश्यकता है। गौठान का निर्माण ग्रामीणजनों के आपसी सहमति से किया जायेगा, गौठान के लिए चिन्हित भूमि विवादित न हो, इसका खास ख्याल रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि गौठान में आने वाली सभी मवेशियों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जाए। नियमित रूप से पशु चिकित्सक पशुओं के स्वास्थ्य की देख-रेख करेंगें। पशुओं के नस्ल सुधार पर विशेष ध्यान रखा जाए। गौमूत्र का उपयोग आज अनेक दवाईयों के उत्पादन में किया जाता है। गोबर गैस से हमें सस्ते दर पर ईंधन की प्राप्ति होगी। हमारे घर का खाना बनाने का खर्चा भी कम होगा। उन्होंने बड़ी संख्या में पधारे ग्रामीणजनों से नरवा, गरूवा, घुरवा एवं बाड़ी योजना पर सुझाव आमंत्रित किए। ज्यादातर ग्रामीणों ने इस योजना पर अपनी सहमति जाहिर की। 
मुख्यमंत्री श्री बघेल द्वारा ग्राम बेलसर के श्रीमती लालमुनी सहित 04 को व्यक्तिगत एवं 02 सामुदायिक वन अधिकार पत्र वितरित किया गया। व्यक्तिमूलक योजना के तहत 20 हितग्राहियों को बैंकयार्ड कुक्कुट प्रदाय किया गया। कृषि विभाग द्वारा 15 हितग्राहियों को रागी बीज, नरवा, गरुवा, घुरवा एवं बारी योजना के अंतर्गत बाड़ी विकास हेतु 05 हितग्राहियों को सब्जी मिनी किट, उद्यान विभाग द्वारा टपक सिंचाई हेतु 04 कृषकों का चयन, स्वच्छ भारत मिशन(ग्रामीण) द्वारा गोबर गैस के 10 हितग्राहियों को चूल्हा वितरण, मत्स्य विभाग द्वारा भारती महिला स्व सहायता समूह एवं सूरजमुखी महिला स्व सहायता समूह को एक-एक नग जाल एवं आईसबॉक्स तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा गंगा, दुर्गेश्वरी, सूरजमुखी, भारती स्वसहायता समूह को 2 लाख 40 हजार का चेक वितरण किया गया।
कार्यक्रम के उद्घाटन के अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री टी. एस. सिंहदेव ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं यहां हमारे बीच उपस्थित हैं, हमंे अपने जमीन का अधिकार दिलाने के साथ हमारे रोजगार एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिये विशेष प्रयास कर रहे हैं। 
 इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री प्रेमसाय सिंह, रामानुजगंज विधायक श्री बृहस्पत सिंह, सामरी विधायक श्री चिंतामणी महाराज, लूण्ड्रा विधायक डाॅ. प्रीतम राम, कलेक्टर श्री संजीव कुमार झा, पुलिस अधीक्षक श्री डी.आर.आंचला, वनमण्डलाधिकारी श्री विवेकानन्द झा के अलावा बड़ी संख्या ग्रामीणजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री द्वारा सूरजपुर जिले के केशवनगर आदर्श गौठान का अवलोकन

मुख्यमंत्री ने लगाई चैपाल: नरवा, गरुवा, घुरवा और 
बाड़ी योजना के महत्व को समझाया

रायपुर, 04 जून 2019/मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज सरगुजा संभाग के सुदूरवर्ती सूरजपुर जिले के ग्राम पंचायत केशवनगर पहुंचकर यहां बनाये गए ‘हमर गांव-हमर गौठान‘ का अवलोकन किया। उन्होंने गौठान में बनाये गए पैरा कट्टी शेड, वेटनरी हेल्प डेस्क, चारागाह, बाड़ी सहित विभिन्न घटकों का अवलोकन किया। इसी तरह स्व-सहायता समूहों के द्वारा तैयार किये गये उत्पादों का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने यहां पशुओं को पहचान पट्टा पहनाया और चारा खिलाया।
उल्लेखनीय है कि यह गौठान लगभग 8 एकड़ क्षेत्र में बनाया गया है। यहां पर 640 पशु रखे गये है। गौठान के बगल से बहने वाली रेण नदी में उपलब्ध पानी से यहां सौर सामुदायिक सिंचाई परियोजना संचालित है। 73 एकड़ में यहां 5 एचपी क्षमता वाले कुल 60 पम्प लगाये गये है। इससे लगभग 144 किसान लाभान्वित होंगे।
मुख्यमंत्री ने यहाॅ चैपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याओं से रूबरू होते हुए। मुख्यमंत्री ने नरवा, गरुवा, घुरवा और बाड़ी योजना के संबंध में गांव वालो से उनका सुझाव लेते हुए इसके महत्व और उद्ेश्य से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित होगी। गौठान से पशुओं को एक स्थान पर रखा जा सकेगा। एक से अधिक फसल लेने में सुविधा होगी। कृषि लागत में कमी आयेगी एक ओर जहाॅ पशुओं के देखरेख एवं खानपान का उचित अवसर मिलेगा, वहीं गायों के गोबर से कम्पोस्ट खाद एवं गोबर का उत्पादन होगा। केशवनगर गौठान को विकसित करने के लिये 20 लाख रुपये की स्वीकृत की गई है। कम्पोस्ट खाद बनाने में रोजगार के अवसर पैदा होगें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गौठान सरकार नहीं चलाएगी बल्कि उसे किसानों की समिति चलाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य शासन द्वारा विभिन्न तरीकों जैसे ऋण माफी, 2500 हजार रुपये प्रति क्विटंल में धान खरीदी आदि के द्वारा मदद की जा रही है। मुख्यमंत्री ने यहां वन अधिकार मान्यता पत्र के तहत् प्रतीकात्मक स्वरुप वनवासियों को वन अधिकार पत्र प्रदान किया। यहां पर कुल 1057 हितग्राहियों को वनाधिकार पट्टे का वितरण किया गया। 
स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि नरवा, गरुवा, घुरुवा और बाड़ी योजना के तहत गांव-गांव में गौठान का निर्माण किया जा रहा है। गौठान से पशु संवर्धन और सुरक्षा का कार्य होगा, खेती-किसानी को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगीं। 
इस अवसर पर स्कूल शिक्षामंत्री डाॅ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, सरगुजा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री खेलसाय सिंह, विधायक श्री गुलाब कमरो, मुख्य सचिव श्री सुनील कुजूर और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री आर.पी. मण्डल, आई.जी. सरगुजा श्री के.सी. अग्रवाल, कलेक्टर श्री दीपक सोनी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अश्वनी देवांगन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

गौठान में चारागाह और बाड़ी के साथ रहेंगे फलदार पौधे

पशुओं के लिए ग्रामीण गौठानों में कर रहे चारा दान

ग्रामीणों को बाड़ी से सस्ती और जैविक सब्जियां का मिलेगा लाभ 

कलेक्टर और सीईओ ने गौठान की व्यवस्थाओं का लिया जायजा



रायपुर, 4 जून 2019/ छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी सुराजी गांव योजना के तहत जिले में बड़े पैमाने में नरवा, गरूवा, घुरूवा और बारी के संरक्षण और संवर्धन के कार्य किए जा रहे है। गॉवों में मॉडल गौठान के साथ ही चारागाह के साथ ही लोगों के घरों में बाड़ी और केचुंआ खाद निर्माण के लिए भू-नाडेप टांका का निर्माण भी तेजी से जारी है। गौठानों में पशुओं के खाने के लिए ग्रामवासी आगे आकर चारा दान भी कर रहे है।
कलेक्टर डॉ. बसवराजु एस. और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गौरव कुमार सिंह ने आज यहां जिले के अभनपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत पलौद और टेकारी में बनाए जा रहे गौठानों में पहुंचकर वहां पशुओं के लिए पानी, चारे और छाया आदि व्यवस्थाओं का जायजा लिया। समूह की महिलाओं और ग्रामवासियों से चर्चा कर गौठानों के सुव्यवस्थित संचालन, गांव के सभी पशुओं की उपस्थिति, गौबर खाद से केंचुआ खाद के निर्माण और बाड़ी से उत्पन्न सब्जियां सहित अन्य आय मूलक गतिविधियों से समूह की महिलाओं के अजीविका संवर्धन पर चर्चा की। कलेक्टर ने ग्रामीणों को अपने घरों में बाड़ी और नाडेप ढांका के निर्माण के लिए भी प्रेरित किया ताकि उन्हंे घर पर ही सस्ती और जैविक सब्जियां उपलब्ध हो सके। कलेक्टर ने कहा कि वर्मी कम्पोस्ट से जहां हेल्दी खाद्यान्न लोगों को उपलब्ध होगा वहीं इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ने के साथ ही पर्यावरण को सुधारने में भी मदद मिलेगी। कलेक्टर ने गोठानों के नजदीक स्थित नालों में परकुलेशन टैंक, तालाब आदि भी बनाने को कहा ताकि पशुओं और बाड़ी के लिए भरपूर पानी उपलब्ध हो सके।
कलेक्टर डॉ. बसवराजु ने सभी गौठानों पशुओं की संख्या के अनुरूप पानी, चारे तथा भू-नाडेप ढांका का निर्माण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने गौठानों में आने वाले सभी पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक टीकाकरण के लिए पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए। कलेेक्टर ने कहा कि गौठानों में आमजनों के सहयोग से पैरा की व्यवस्था की जा रही है जो सराहनीय है। गांव में यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पैरा जलाए नही बल्कि उसे यहां गौठान के लिए प्रदान करें। 
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गौरव कुमार सिंह ने बताया कि प्रथम चरण में जिले के 97 ग्राम पंचायतों में गौठानों का निर्माण तेजी से चल रहा है। इसमें 21 ग्राम पंचायतों में मॉडल गौठानों का निर्माण पूर्णता की ओर है। ग्राम पंचायत पलौद में 5 एकड़ में मॉडल गौठान और 5 एकड़ में चारागाह बनाया गया है। इसी तरह ग्राम पंचायत टेकारी में 6.5 एकड़ में गौठान और 5 एकड़ में चारागाह बनाया गया है। सभी गौठानों में पशुओं के पीने के पानी के लिए ट्यूबवेल और सोलरपंप लगाए जा रहे है। उनके बैठने के स्थान में पारंपरिक तरीके से घासफूस युक्त शेड का निर्माण किया जा रहा है। पशुओं की उपस्थिति के लिए चरवाहो की व्यवस्था की जा रही है। पशुओं के चारे के लिए ग्रामीण बड़े उत्साह से पैरादान कर रहे है। गौबर खाद के लिए वर्मी बैड की व्यवस्था यहां की गई है इसके साथ ही भू-नाडेप टांके भी बनाए जा रहे है। ये गौठान पशुओं के डे-केयर सेंटर के रूप में कार्य करेंगे। गौठानों के नजदीक चारागाह भी बनाए जा रहे ताकि गौठानों में पशुओं को सालभर चारा मिल सके। इसके अलावा फलदार और छायादार पौधों के रोपण के साथ ही बाड़ी भी बनायी जा रही है ताकि इससे जुड़ी समूह की महिलाएं आर्थिक रूप से सुदृढ़ बन सके।