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शनिवार, 11 जनवरी 2020

लोगों की क्रय शक्ति बढ़ने से व्यापार-व्यसाय में भी आयी तेजी : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल : मुख्यमंत्री श्री बघेल ‘व्यापार छत्तीसगढ़-ब्रेकिंग बेरियर‘ कार्यक्रम में हुए शामिल

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज राजधानी रायपुर में फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स ऐशोसिएशन रायपुर द्वारा आयोजित ‘व्यापार छत्तीसगढ़-ब्रेकिंग बेरियर‘ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री बघेल को रायपुर ऑटोमोबाइल डीलर्स ऐशोसिएशन द्वारा मुख्यमंत्री सहायता कोष में एक लाख रूपए की धनराशि का चेक भेंट किया गया। यह राशि मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान में उपयोग के लिए प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह के यातायात जागरूकता संदेश का वाचन भी किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व विधायक श्री राजकमल सिंघानिया ने की।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार द्वारा हर वर्ग के लोगों के उत्थान और उनमें खुशहाली भरने के लिए निरंतर कार्य हो रहे हैं। इनके हित में चलाए जा रहे शासन की कल्याणकारी योजनाओं से मजदूर से लेकर किसान सहित आम जनता और व्यापारी वर्ग तक के लोगों को आगे बढ़ने के लिए भरपूर मौका मिल रहा है। इससे छत्तीसगढ़ में लोगों की क्रय शक्ति बढ़ी है। यही वजह है कि देशव्यापी मंदी का असर छत्तीसगढ़ में देखने को नहीं मिला।

श्री बघेल ने बताया कि छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार के बनते ही किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम दिलाने के लिए 2500 रूपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की गई। इसके साथ ही किसानों की कर्जमाफी और कलेक्टर गाइडलाईन में 30 प्रतिशत की कमी तथा छोटे भू-खंडों की रजिस्ट्री जैसे कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन योजनाओं से लोगों को काफी राहत मिली और उनके जेबों में पैसा भी आया। यह पैसा मजदूरों से, किसानों से होकर बाजारों में आया और इससे राज्य के व्यापार-व्यवसाय को भी फलने-फूलने का भरपूर मौका मिल रहा है।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि देशव्यापी मंदी के कारण देश में ऑटोमोबाइल सेेक्टर में विगत एक साल के दौरान जहां चार प्रतिशत की कमी आयी, वहीं छत्तीसगढ़ में लगभग 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इस तरह छत्तीसगढ़ की समृद्धि के लिए हर वर्ग के लोगों के उत्थान और उनमें खुशहाली लाने का कार्य हो रहा है। कार्यक्रम में श्री अमर परवानी, श्री मनीष सिंघानिया सहित प्रदेशभर के ऑटोमोबाइल डीलर्स के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

सोमवार, 23 दिसंबर 2019

करसा पहुंच अपने शिक्षक के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की सीएम भूपेश बघेल ने

 पाटन,  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पाटन ब्लॉक के ग्राम करसा पहुंचे। वे यहां अपने मर्रा स्कूल में शिक्षक रहे स्व.रमादीन साहू के असामयिक निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित करने तथा शोक संतप्त परिवारजनों को ढांढस बंधाने पहुंचे थे।



शनिवार, 21 दिसंबर 2019

5 ट्रिलियन इकोनॉमी तभी फायदेमंद, जब हर इंसान की बुनियादी जरूरतें पूरी हों : श्री बघेल

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने फिक्की के 92वें वार्षिक सम्मेलन में लिया हिस्सा
अर्थव्यवस्था की गति बढ़ाने के साथ ही समावेशी विकास पर दिया जोर

रायपुर, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज नई दिल्ली में फिक्की (फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) के 92वें वार्षिक सम्मेलन में इंडिया: रोड मैप टू ए पांच ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी विषय पर आयोजित परिचर्चा में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होने अर्थव्यवस्था की गति बढ़ाने के लिए कुछ उपाय और सुझाव बताए, जिसमें उन्होने समावेशी विकास पर जोर दिया।

कार्यक्रम में श्री बघेल ने कहा कि कृषकों को उनकी उपज का लाभप्रद मूल्य देना होगा ताकि बाजार में मांग में कमी न आए। पशुपालन एवं कृषि क्षेत्र की अन्य गतिविधियों को बढ़ावा देना होगा। खाद्यान्नों के उपयोग और निराकरण हेतु वैकल्पिक तरीके अपनाने होंगे। खाद्यान्नों से एथेनॉल बनाने की अनुमति देने, फूड प्रोसेसिंग इकाइयां स्थापित करने, फूड पार्क की स्थापना, पूंजी अनुदान, ब्याज अनुदान तथा जीएसटी से राहत जैसे उपाय करने की बात कही। इस दौरान उन्होने ग्रामोद्योग, लघु वनोपजों के प्रसंस्करण, औषधि पौधों के प्रसंस्करण एवं मार्केटिंग पर अधिक जोर देने की आवश्यकता बताई।

कार्यक्रम में श्री बघेल ने उद्योगपतियों को राज्य में उद्योग लगाने का आह्वान करते हुये कहा कि छत्तीसगढ़ की सहयोगात्मक उद्योग नीति है, जिसमें लचीलापन है। उन्होने कहा कि देश के विकास के लिए 5 ट्रिलियन इकोनॉमी तभी फायदेमंद है, जब हम हर एक इंसान की सभी बुनियादी जरूरतें पूरा कर सकें।

प्रदेश की माओवादी समस्या पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों का विश्वास जीतने का काम हमने किया है, जिससे समस्या में 50 फीसदी की कमी आई है। गरीबी और कुपोषण दूर करने का साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार मुहैया कराया गया है।

छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाएं
श्री बघेल ने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में प्रदेश सरकार काफी काम कर रही है। इको टूरिस्म, राम वनगमन पथ की कार्ययोजना भी बनाई गयी है। बस्तर के साथ ही सरगुजा, कोरिया आदि क्षेत्रों में भी पर्यटन के क्षेत्र में काम किया जा रहा है।

शुक्रवार, 20 दिसंबर 2019

मुख्यमंत्री ने पंडित सुंदरलाल शर्मा की जयंती पर उन्हें नमन किया

रायपुर, मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी,समाज सुधारक और प्रसिद्ध रचनाकार स्वर्गीय पंडित सुंदरलाल शर्मा की जयंती 21 दिसम्बर पर छत्तीसगढ़ के लिए उनके अमूल्य योगदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया है। श्री बघेल ने अपने संदेश में कहा है कि पंडित सुंदरलाल शर्मा ने छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में फैले अंधविश्वास,छुआ-छूत,रूढिवादिता जैसी कुरीतियों को दूर करने के लिए अथक प्रयास किया। सामाजिक चेतना की आवाज हर घर तक पहुंचाने का अविस्मरणीय कार्य उन्होेंने किया। वे स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कई राष्ट्रीय आंदोलनों से जुड़े और छत्तीसगढ़ में स्वाधीनता आंदोलनों की मजबूती और जनजागरण के लिए भरसक प्रयत्न किया। वे किसानों के अधिकारों की लड़ाई के रूप में प्रसिद्ध कंडेल सत्याग्रह के प्रमुख सूत्रधार थे। श्री बघेल ने कहा कि पंडित सुदरलाल शर्मा का व्यक्तित्व सदैव प्रेरणादायी रहेगा।

मुख्यमंत्री ने ठाकुर प्यारेलाल सिंह की जयंती पर उनके योगदान को याद किया

रायपुर, मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, स्वर्गीय ठाकुर प्यारेलाल सिंह की जयंती 21 दिसम्बर पर उन्हें नमन किया है। श्री बघेल ने कहा है कि ठाकुर साहब ने न सिर्फ गरीबों की सेवा की बल्कि उनके अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष किया। ठाकुर प्यारेलाल सिंह छत्तीसगढ़ में सहकारी आंदोलन के पुरोधा के रूप में जाने जाते हैं। वेे छात्र जीवन से ही स्वाधीनता आंदोलनों से जुडे़। उन्होंने अत्याचार और अन्याय के विरोध में अपनी आवाज बुलंद की और जन असंतोष को संगठित दिशा प्रदान की। राजनांदगांव में मिल मजदूरों को संगठित कर उन्हें कुशल नेतृत्व प्रदान किया। छत्तीसगढ़ में छात्रों को संगठित रूप से आंदोलनों से जोड़ने का श्रेय भी ठाकुर साहब को जाता है। हरिजन उद्धार और जन-जागरण के लिए भी कई काम उन्होंने किये। श्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के इतिहास में अपने अमूल्य योगदान के लिए ठाकुर साहब हमेशा याद किये जाएंगे।

राम वनगमन पर्यटन परिपथ और माता कौशल्या मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण कार्य का शुभारंभ 22 दिसम्बर को

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल चंदखुरी में पर्यटन परिपथ के निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्य का करेंगे शुभारंभ

रायपुर, मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल 22 दिसम्बर को सबेरे 11 बजे माता कौशल्या मंदिर परिसर चंदखुरी में राम वन गमन पर्यटन परिपथ निर्माण के साथ ही माता कौशल्या मंदिर परिसर में जीर्णाेद्धार कार्य का शुभारंभ करेंगे। इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता गृहमंत्री श्री ताम्रध्वज साहू करेंगे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में संस्कृति मंत्री श्री अमरजीत भगत, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, रायपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती शारदा देवी वर्मा, जनपद पंचायत आरंग के अध्यक्ष श्री दिनेश ठाकुर, ग्राम पंचायत चंदखुरी की सरपंच श्रीमती इंदु शर्मा और कौशल्या माता समिति के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र वर्मा उपस्थित रहेंगे।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में राम वनगमन पर्यटन परिपथ निर्माण की घोषणा की थी। जिसके तहत छत्तीसगढ़ सरकार राम वन गमन पथ पर पड़ने वाले महत्वपूर्ण स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर रही है। इसमें प्रथम चरण में सीतामढ़ी हरचौका, रामगढ़, शिवरीनारायण, तुरतुरिया, चंदखुरी, राजिम, सिहावा के सप्तऋषि आश्रम, जगदलपुर और सुकमा जिले के रामाराम को राज्य शासन के पर्यटन विभाग द्वारा इन स्थलों को पर्यटन परिपथ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही रायपुर जिले के चंदखुरी स्थित माता कौशल्या के प्राचीन मंदिर परिसर का भी जीर्णाेद्धार एवं सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है। 

गौरतलब है कि शोधकर्ताओं के शोध किताबों से प्राप्त जानकारी अनुसार प्रभु श्रीराम के द्वारा अपने वनवास काल के 14 वर्षों में से लगभग 10 वर्ष से अधिक का समय छत्तीसगढ़ में व्यतीत किया गया था। विभिन्न शोध प्रकाशनों के अनुसार प्रभु श्रीराम ने छत्तीसगढ़ में वनगमन के दौरान लगभग 75 स्थलों का भ्रमण किया। जिसमें से 51 स्थल ऐसे हैं, जहां प्रभु राम ने भ्रमण के दौरान रूककर कुछ समय व्यतीत किया था। राम वनगमन स्थलों में से प्रथम चरण इनमें से 8 स्थलों का पर्यटन की दृष्टि से विकास हेतु चयन किया गया है। यहां आवश्यकता के अनुसार पहुंच मार्ग का उन्नयन, साईनजेस, पर्यटक सुविधा केन्द्र, इंटरप्रिटेशन सेंटर, वैदिक विलेज, पगोड़ा, वेटिंग शेड, मूलभूत सुविधा (पेयजल व्यवस्था, शौचालय), सीटिंग बेंच, रेस्टोरेंट, वाटर फ्रंट डेव्हलपमेंट, विद्युतीकरण आदि कार्य कराए जाएंगे। राम वन गमन मार्ग में आने वाले स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का काम रायपुर जिले के आरंग तहसील के गांव चंदखुरी स्थित माता कौशल्या मंदिर से प्रारंभ किया जा रहा है।

गुरुवार, 19 दिसंबर 2019

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने अधिकारियों को फिर दिए मितव्ययता बरतने के निर्देश : प्रवास के दौरान मण्डप, शामियाना और साज-सज्जा में अनावश्यक व्यय नही करने के निर्देश

रायपुर, मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अधिकारियों को एक बार फिर मितव्ययता बरतने के निर्देश दिए है। श्री बघेल ने कहा है कि विभिन्न क्षेत्रों में प्रवास के दौरान उन्होंने महसूस किया है कि कार्यक्रम स्थल की साज-सज्जा में बड़ी राशि का व्यय होता है। उन्होंने कहा है कि भविष्य में उनके प्रवास के दौरान मण्डप, शामियाना और साज-सज्जा में अनावश्यक व्यय न किया जाए और मितव्ययता के साथ न्यूनतम आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएं। मुख्यमंत्री ने इसके लिए प्रदेश के मुख्य सचिव को संबंधितों को निर्देशित करने को कहा है।

बुधवार, 18 दिसंबर 2019

मुख्यमंत्री श्री बघेल बाबा गुरु घासीदास जयंती की पूर्व संध्या पर बिलासपुर के महंत बाड़ा पहुंचे

रायपुर, मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल सतनाम पंथ के प्रवर्तक एवं महान संत बाबा गुरु घासीदास जी की जयन्ती की पूर्व संध्या पर कल बिलासपुर प्रवास के दौरान जरहाभाठा स्थित महंत बाड़ा पहुंचे। उन्होंने वहां पूजा-अर्चना कर बाबा गुरु घासीदास से प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद माँगा।

​​​​​​​मुख्यमंत्री श्री बघेल से वरिष्ठ पत्रकार श्री विजय विद्रोही ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से यहां उनके निवास कार्यालय में एबीपी न्यूज के कार्यकारी सम्पादक श्री विजय विद्रोही ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को अपनी लिखी ‘90 सेकेंड की टीवी पत्रकारिता‘ नामक पुस्तक भेंट की। मुख्यमंत्री ने इसके लिये उन्हें धन्यवाद दिया।

इस पुस्तक में श्री विद्रोही ने बताया है कि कैसे टीवी पत्रकारिता में स्टोरी की जाती है। 32 साल से टीवी पत्रकारिता में सक्रिय श्री विजय विद्रोही बड़े चैनलों में काम कर चुके हैं। अभी वो एबीपी न्यूज के कार्यकारी सम्पादक हैं। इस किताब की मदद से पत्रकारिता में आने वाले छात्रों को ये समझने में आसानी होगी की टीवी पत्रकारिता में 90 सेकेंड की क्या अहमियत है और आज के दौर के कैसे रिपोर्टिंग की जाती है। कैसे सूत्र बनाए जाते हैं और कैसे टीवी स्क्रिप्ट लिखी जाती है। किताब का प्रकाशन नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा किया गया है।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से यहां उनके निवास कार्यालय में एबीपी न्यूज के कार्यकारी सम्पादक श्री विजय विद्रोही ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को अपनी लिखी ‘90 सेकेंड की टीवी पत्रकारिता‘ नामक पुस्तक भेंट की। मुख्यमंत्री ने इसके लिये उन्हें धन्यवाद दिया।

इस पुस्तक में श्री विद्रोही ने बताया है कि कैसे टीवी पत्रकारिता में स्टोरी की जाती है। 32 साल से टीवी पत्रकारिता में सक्रिय श्री विजय विद्रोही बड़े चैनलों में काम कर चुके हैं। अभी वो एबीपी न्यूज के कार्यकारी सम्पादक हैं। इस किताब की मदद से पत्रकारिता में आने वाले छात्रों को ये समझने में आसानी होगी की टीवी पत्रकारिता में 90 सेकेंड की क्या अहमियत है और आज के दौर के कैसे रिपोर्टिंग की जाती है। कैसे सूत्र बनाए जाते हैं और कैसे टीवी स्क्रिप्ट लिखी जाती है। किताब का प्रकाशन नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा किया गया है।

सोमवार, 16 दिसंबर 2019

विशेष लेख : छत्तीसगढ़ में जागी पुरखों के सपने पूरे होने की आस


  • धान और किसान से चलती है राज्य की अर्थव्यवस्था
  • मंत्रिमंडल ने एक वर्ष में लिए कई अहम फैसले


रायपुर 16 दिसम्बर 2019  / शपथ लेने के मात्र दो घंटे में ही नई सरकार ने कई बड़े फैसले लेकर सबको चाैंका दिया। दरअसल धान और किसान ऐसे विषय हैं जिसका यहां के घर-घर से ताल्लुक है। पिछले एक साल के कार्यकाल को देखें तो राज्य सरकार ने राज्य की अर्थव्यवस्था को देशव्यापी मंदी के प्रभाव से बचाए रख कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। नई सरकार ने देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना शुरू की है जिसमें इलाज के लिए 20 लाख रूपए तक की सहायता दी जाएगी। इसके अलावा 56 लाख लोगों के लिए डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना,  सार्वभौम पीड़ीएस, कर्जमाफी, 25 सौ रूपए में धान खरीदी,  46 लाख लोगों को बिजली बिल हाफ सहित प्रदेश की जनता के लिए अनेक निर्णय लिए गए हैं। छत्तीसगढ़ लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप काम करने वाले मीडिया प्रतिनिधियों के लिए देश में पहली बार पत्रकार सुरक्षा कानून लाने के लिए पहल की गई है। साथ ही राज्य में संचालित वरिष्ठ मीडियाकर्मी सम्मान निधि को और अधिक अनुकूल बनाया गया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में मंत्रिमंडल द्वारा गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के लिए पुरखों के संकल्प को पूरा करने की दिशा में लगातार फैसले लिए जा रहे हैं।  छत्तीसगढ़ की संस्कृति को राज्य सरकार द्वारा प्रोत्साहन दिया जा रहा है। अरपा पैरी के धार को राज्योत्सव के मौके पर राज गीत का दर्जा दिया गया है। वहीं यहां की संस्कृति तीज-त्योहारों पर लोगों को अपनी संस्कृति पर गर्व करने का संदेश दिया जा रहा है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ी त्योहारों में अवकाश घोषित कर इन त्योहारों का मान बढ़ाया गया है।  मंत्रिपरिषद ने डॉ. नरेन्द्र वर्मा द्वारा लिखित छत्तीसगढ़ी गीत-‘‘अरपा पइरी के धार महानदी हे अपार‘......को राज्य-गीत घोषित किया इसे सभी शासकीय कार्यक्रमों और आयोजनों में गाया जा रहा है। श्रीराम वनगमन पथ के महत्वपूर्ण स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने का निर्णय लिया गया। शासकीय नौकरियों और शैक्षणिक सेवाओं में अनुसूचित जाति वर्ग का आरक्षण 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 13 प्रतिशत एवं अन्य पिछड़ा वर्ग का आरक्षण 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने का निर्णय भी लिया गया। इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण करने का निर्णय लिया गया।

छत्तीसगढ़ में देश में सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना शुरू की है, जिसमें 20 लाख रूपए तक के इलाज की सुविधा मिलेगी। राज्य के 56 लाख लोगों को बीमा कव्हर दिलाने के लिए मंत्री परिषद ने डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना शुरू करने का निर्णय लिया है। 15 नवंबर को मंत्री परिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि राज्य में संचालित सभी योजनाओं को समाहित कर डॉ. खूब चंद बघेल के नाम पर नई स्वास्थ्य योजना शुरू की जाएगी। इस नई योजना में सभी प्राथमिक एवं अंत्योदय राशन कार्डधारी परिवारों को विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए 5 लाख रूपए तक के इलाज की सुविधा दी जाएगी। साथ ही एवं अन्य राशन कार्डधारी परिवारों को 50 हजार रूपए तक इलाज की सुविधा मिलेगी। यह योजना ट्रस्ट मोड पर संचालित की जाएगी। गंभीर बीमारियों में लगने वाले खर्च को देखते हुए मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना शुरू करने का निर्णय लिया गया। इसमें उन गंभीर बीमारियों को कव्हर किया जाएगा जो डॉ.खूब चंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना में शामिल नहीं हैं। इस येाजना में 5 लाख रूपए से अधिकतम 20 लाख रूपए तक के इलाज की सुविधा दी जाएगी।
राज्य में उद्यानिकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राजधानी के पास पाटन में महात्मा गांधी के नाम पर उद्यानिकी ओर वानिकी विश्वविद्यालय की स्थापना का निर्णय लिया गया है। इससे इस कृषि आधारित राज्य में किसानों को उद्यानिकी फसलों से जोड़ा जा सकेगा। इससे यहां उद्यानिकी के क्षेत्र में शोध और यहां के युवाओं को कृषि के क्षेत्र में एग्री बिजनेस में स्टार्ट-अप शुरू करने का मौका मिलेगा। रायगढ़ में स्व. श्री नंद कुमार पटेल के नाम पर नया विश्वविद्यालय प्रारंभ करने का निर्णय भी लिया गया है। शिक्षा के अधिकार के अंतर्गत अभी तक केवल कक्षा आठवीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए निःशुल्क शिक्षा एवं पाठ्य पुस्तक की व्यवस्था की जाती है। अब यह सुविधा कक्षा नवमी से बारहवीं तक के विद्यार्थियों को भी उपलब्ध करायी जाएगी।
वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले खनिज प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के जीवन में बदलाव के लिए डी.एम.एफ की राशि का उपयोग करने के लिए मंत्रिपरिषद में निर्णय लिया। उन्होंने किसानों से धान खरीदी और कर्ज माफी को सर्वाधिक महत्वपूर्ण मानते हुए शपथ लेते ही 25 सौ रूपए में धान खरीदी और कर्ज माफी की घोषणा की। मंत्रिमंडल की प्रथम बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया गया और लगभग 12 हजार करोड़ रूपए की कर्ज माफी का मार्ग प्रशस्त हुआ। नई सरकार ने माना कि धान खरीदी का मुद्दा किसानों और राज्य के स्वाभिमान से जुड़ा हुआ है, इसलिए मंत्रिमंडल की बैठक में 32 लाख मीटरिक टन चांवल की खरीदी के लिए केन्द्र सरकार से न केवल अनुरोध किया बल्कि 2500 रूपए में धान खरीदी की अनुमति देने का आग्रह किया।
राज्य में फैले कुपोषण और पलायन के मद्देनजर लोगों को खाद्य सुरक्षा देने का फैसला लिया गया। यह फैसला इस मायने महत्वपूर्ण है कि यह बिना किसी भेदभाव के लागू होगा। सार्वभौम पीडी.एस लागू कर 65 लाख परिवारों को खाद्यान्न सुरक्षा का लाभ मिल रहा है। इससे जनघोषणा पत्र का एक बड़ा वायदा पूरा हुआ है। योजना में तीन से पांच सदस्यीय परिवारों को 35 किलो खाद्यान्न मिल रहा है। बस्तर अंचल में चने के साथ-साथ अब बस्तर संभाग के जिलों में प्रति परिवार दो किलो गुड़ का निःशुल्क वितरण करने, गन्ना उत्पादक कृषकों के व्यापक हित एवं सहकारी शक्कर कारखानों को सक्षम बनाने की दृष्टि से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से वितरित किए जाने वाले शक्कर का क्रय राज्य के सहकारी शक्कर कारखानों से करने का निर्णय।
          राज्य में उद्योग और व्यापार  को बढ़ावा देने के लिए नई उद्योग नीति की राज्योत्सव पर जारी की गई । इसमें कृषि और वनोपज धारित उद्योगों की स्थापना को प्राथमिकता दी गई है। औद्योगिक एवं आर्थिक मंदी से स्टील उद्योगों को उबारने के लिए घोषित विशेष राहत पैकेज की अवधि बढाने, बायो-एथेनॉल उत्पादन संयंत्र की स्थापना को प्रोत्साहन दिया गया है। आपसी सहमति से ग्रामीण क्षेत्रों में अर्जित की जाने वाली भूमि एवं उस भूमि पर स्थित अचल परिसंपत्तियों के मूल्य की मुआवजा राशि को दो गुना से बढ़ाकर 4 गुना किया गया है। मध्य भारत का प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक नगर और प्रदेश की राजधानी रायपुर में सराफा कारोबार व्यापार और वाणिज्यिक गतिविधियों में तेजी लाने के लिए जेम एण्ड ज्वेलरी पार्क रायपुर शहर में स्थापित करने का निर्णय लिया गया।
  वनांचल में आदिवासियों की जमीन वापसी कर छत्तीसगढ़ में देश में एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उद्योग नहीं लगने की स्थिति में 1700 किसानों की 42 सौ एकड़ जमीन वापसी का फैसला भी मंत्रिमंडल ने लिया। यह जमीन टाटा के इस्पात संयत्र के लिए अधिग्रहित की गई थी।  वनांचल क्षेत्र के युवाओं को रोजगार दिलाने पांचवी अनुसूचित क्षेत्र सरगुजा एवं बस्तर संभाग के साथ-साथ कोरबा जिले में तृृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की जिला कैडर में भर्ती की अवधि को दो वर्ष बढ़ाने का निर्णय लिया गया। शासकीय विभागों में सीधी भर्ती से भरे जाने वाले पदों के लिए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में राज्य के स्थानीय निवासी अभ्यर्थियों को अधिकतम 5 वर्ष की छूट दिया गया। 
         वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले खनिज प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के जीवन में बदलाव के लिए डी.एम.एफ की राशि का उपयोग करने के लिए मंत्रीपरिषद में निर्णय लिया। छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम, 2015 में संशोधन किया गया इसमें खनिज प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा पोषण सहित उनके जरूरत के हिसाब से डी.एम.एफ की राशि का उपयोग करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में गवर्निंग बाड़ी बनाने और इसमें विधायकों को सदस्य नियुक्त करने का निर्णय लिया गया। गौण खनिज साधारण रेत के उत्खनन के लिए अब कलेक्टर के माध्यम से नीलामी के द्वारा रेत खदानों का पट्टा आवंटन किया जाएगा। विशेष पिछड़ी जनजाति समूह के अभ्यर्थियों को सहायक शिक्षक एवं सहायक ग्रेड-3 के पदों पर संपूर्ण प्रदेश में सीधी भर्ती करने, बस्तर एवं सरगुजा में विशेष कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड के गठन का अनुमोदन किया गया।
            राज्य में आर्थिक क्रिया कलापों में तेजी लाने के लिए संपूर्ण प्रदेश में अचल संपत्ति के बाजार मूल्य गाइडलाईन की दरों में 30 प्रतिशत की कमी तथा पंजीयन शुल्क 0.8 प्रतिशत से बढ़ाकर गाइडलाईन मूल्य का 4 प्रतिशत करने का निर्णय। इस निर्णय से रियल ईस्टेट बाजार में तेजी आयी है। नगरीय क्षेत्र में डायवर्सन प्रकिया के सरलीकरण,सभी 168 नगरीय निकायों में परम्परागत रूप से काम करने वाले स्थानीय बेरोजगारों को आजीविका के साधन उपलब्ध कराने के लिए ‘पौनी पसारी‘ योजना प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत सभी नगरीय निकायों में परम्परागत व्यवसाय जैसे-लोहारी, कुम्हारी, कोष्टा, बंसोड़ आदि के लिए चबूतरा एवं शेड निर्माण कर, उन्हें अस्थायी रूप से किराये पर उपलब्ध कराते हुए व्यवसाय करने की सुविधा दी जाएगी।
      मंत्रिमंडल द्वारा झीरम घाटी घटना की जांच के लिए एसआईटी के गठन, शहीद वीर नारायण सिंह के वंशजों को पेंशन स्वीकृत करने,  विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित प्रकरणों की वापसी, आबकारी ड्यूटी दरें बढ़ाने तथा 50 शराब दुकानंे बंद करने , छत्तीसगढ़ खेल विकास प्राधिकरण के गठन कर खेल अकादमी बनाने, बस्तर और सरगुजा के अतिरिक्त मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण भी गठित करने, नगरीय क्षेत्रों के भूमिहीन व्यक्ति को दिए गए पट्टों को फ्री-होल्ड करने, चिटफंड कंपनियों के मामले में अभिकर्ताओं के विरूद्ध पंजीबद्ध प्रकरणों की वापसी एवं निवेशकों के धन वापसी, प्रदेश के कोरबा, कटघोरा, धरमजयगढ़ एवं सरगुजा वनमंडल क्षेत्र के अंतर्गत 1995.48 वर्ग किमी क्षेत्र में लेमरू हाथी रिजर्व गठित करने , नक्सल प्रभावित क्षेत्र अबूूझमाड़ क्षेत्र के  275 गांवों में राजस्व अभिलेख तैयार कराने सर्वे कराने, नगरीय निकायों मे ंमहापौर तथा अध्यक्षों का निर्वाचन अप्रत्यक्ष रूप से करने,  छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल की आवासीय और व्यावसायिक सम्पदा में 15 से 20 प्रतिशत छूट सहित विभिन्न छूट देने, सौर सुजला योजना फेज-4 के तहत 20,000 सोलर पंपों की स्थापना-इसमें इस वर्ष सुराजी गौठान में 4000 सोलर पंप स्थापित करने, वरिष्ठ मीडिया कर्मी सम्मान निधि अर्हता आयु 65 वर्ष से घटाकर 60 वर्ष और सम्मान निधि 5 वर्ष से बढ़ाकर आजीवन और देय राशि 5 हजार से बढ़ाकर 10 हजार रूपए करने का निर्णय लिया गया।

आलेख
श्री आनंद सोलंकी
श्री जी.एस. केशरवानी

रविवार, 15 दिसंबर 2019

आजादी की लड़ाई के साथ छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण में समाज के पुरखों और विभूतियों की महत्वपूर्ण भूमिका - श्री बघेल

ग्राम चरौदा में छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज का अधिवेशन

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज रायपुर जिले के ग्राम चरौदा में आयोजित छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि इस समाज के पुरखों और विभूतियों ने केवल आजादी की लड़ाई ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने शिक्षा, सहकारिता, कृषि के साथ-साथ समाज सुधार जैसे उल्लेखनीय क्षेत्रों में भी अपना बहुमूल्य योगदान दिया है। यह एक प्रगतिशील समाज है और ऐसे समाज में जन्म लेना और सदस्य बनना गौरव की बात है।
    मुख्यमंत्री ने कहा दो दिन बाद 17 दिसम्बर को इस सरकार के एक वर्ष पूरे हो रहे है। पिछले एक वर्ष में राज्य सरकार ने किसानों, मजदूरों, महिलाओं, बच्चों, ग्रामीणों के साथ-साथ नागरिकों के कल्याण हित के लिए बहुत सारे निर्णय लिए है। धान का रेट पूरे देश में सबसे ज्यादा छत्तीसगढ़ के किसानों को मिल रहा है। बिजली का बिल आधा किया गया है, बी.पी.एल के साथ-साथ ए.पी.एल परिवारों को भी राशन मिल रहा है। वर्तमान में केन्द्र शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की खरीद की जा रही है। पिछले दो वर्षों में केन्द्र शासन द्वारा धान खरीदी के लिए बोनस देने की अनुमति दी गई थी। इस वर्ष भी राज्य शासन द्वारा अनुमति मांगी गई है। किसानों को वायदे के अनुसार पूरी राशि किसी ना किसी रूप में दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का खजाना आपका है। धान की कीमत इस राज्य के किसानों के लिए है। हर किसान को चाहिए कि वे अपने अपने ऋण पुस्तिका के माध्यम से केवल अपने खेत के धान को ही बेचें।
    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ग्राम चरौदा के ऐतिहासिक मंदिर के पुनःनिर्माण के लिए 21 लाख रूपये की राशि देने की घोषणा की। उन्होंने रायपुर में 27 से 29 दिसम्बर तक होने वाले राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य उत्सव के लिए नागरिकों को आमंत्रित किया। उन्होंने कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाज के लोगों को सम्मानित किया। उन्होंने यहां पं. श्यामाचरण शुक्ल महाविद्यालय धरसींवा में सौ सीटर बालिका छात्रावास भवन का लोकार्पण किया और ग्राम पंचायत चरौदा में करीब साढ़े तीन करोड़ रूपए राशि के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण भी किया।
    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्रीमती अनिता योगेन्द्र शर्मा ने राज्य एवं क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी। समाज के केन्द्रीय अध्यक्ष डॉ. रामकुमार सिरमौर ने समाज के लिए कार्य करने वाले विभूतियों का उल्लेख किया और सामाजिक कार्यों की जानकारी दी। सरपंच श्री प्रदीप वर्मा ने आदर्श गौरव ग्राम चरौदा के कार्यों की जानकारी दी।  इस अवसर पर श्री दशरथ वर्मा ने  स्वागत भाषण दिया और मांग पत्र पढ़ा।
अरपा,पैरी के धार गीत पर मुख्यमंत्री खड़े रहे
    कार्यक्रम में समापन के बाद जब मुख्यमंत्री मंच से उतर रहे थे तो उसी समय छत्तीसगढ़ के राजगीत ‘अरपा, पैरी के धार, महानदी है अपार‘ बजने लगा और इस पर बालिकाओं ने छत्तीसगढ़ी परिधान में नृत्य शुरू किया। मुख्यमंत्री ने तत्काल रूककर गीत बजते तक खड़े रहे और इस राजगीत को पूरा मान -सम्मान दिया।

मुख्यमंत्री से वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान ड्वेन ब्रावो ने मुलाकात की : महिलाओं को व्यक्तिगत स्वच्छता के लिए जागरूक बनाने के वैश्विक स्तर पर संचालित प्रोजेक्ट से जुड़े हैं श्री ब्रावो

श्री ब्रावो पाटन और बस्तर के स्वसहायता समूहों को दान करेंगे 20 सैनेटरी पैड मशीनें

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज यहां उनके रायपुर निवास में  वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान ड्वेन ब्रावो ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने श्री ब्रावो को प्रतीक चिन्ह प्रदान कर उनका स्वागत किया। श्री ब्रावो ने श्री बघेल को क्रिकेट का बैट भेंट किया।
श्री ब्रावो एक डॉक्यूमेंट्री प्रोजेक्ट ‘मेन टेक लीड‘ से जुड़े हैं। यह प्रोजेक्ट कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) कार्यक्रम के तहत वैश्विक स्तर पर संचालित किया जा रहा है, जिसके तहत दूरस्थ वनांचलों में कठिन परिस्थितियों में रह रही महिलाओं में स्वच्छता व मासिक धर्म के दौरान स्वास्थ्य प्रबंधन के प्रति जागरूक करने का कार्य किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत महिला स्वसहायता समूहों को सैनिटरी पैड बनाने वाली मशीनें प्रदान की जा रही हैं, जिससे इन महिलाओं को आजीविका का साधन मिल सके।
श्री ब्रावो ने मुख्यमंत्री श्री बघेल को बताया कि वे मेन टेक लीड प्रोजेक्ट के तहत ग्रामीण छत्तीसगढ़ खासकर पाटन और बस्तर क्षेत्र में महिला स्वसहायता समूहों को 20 मशीनें दान में देना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण के इस अभियान की सराहना करते हुए श्री ब्रावो को इस अच्छी पहल के लिए धन्यवाद दिया।
श्री ब्रावो ने बताया कि चैरिटी के काम के लिए श्री अरुणाचलम मुरुगनांथम (पैडमैन) के साथ वे फरवरी अंत मे पुनः छत्तीसगढ़ आएंगे। कम लागत वाले सैनिटरी पैड बनाने वाली मशीन का अविष्कार करने वाले पैडमैन के नाम से मशहूर पद्मश्री अरुणाचलम मुरुगनांथम को भी इस अभियान में जोड़ा जा रहा है। यह पहल छत्तीसगढ़ में महिलाओं को सेनेटरी नैपकिन के निर्माण के जरिए आजीविका के लिए भी उपयोगी साबित होगी।

रविवार, 16 जून 2019

छत्तीसगढ़ी लोक कला और संगीत के पुरोधा स्वर्गीय श्री खुमान साव की मूर्ति स्थापित की जाएगी - श्री भूपेश बघेल


  • मुख्यमंत्री द्वारा स्वर्गीय श्री साव की स्मृति में हर वर्ष समारोह के आयोजन और कला के क्षेत्र में उनके नाम पर पुरस्कार स्थापित करने की घोषणा
  • मुख्यमंत्री शामिल हुए ‘सुरता खुमान साव के’ कार्यक्रम में: अर्पित की विनम्र श्रद्धांजलि

रायपुर 16 जून 2019/ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज रात यहाँ शहीद स्मारक में आयोजित ‘सुरता खुमान साव के’ कार्यक्रम में शामिल होकर स्वर्गीय श्री खुमान साव को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने छत्तीसगढ़ के कोने-कोने से आये लोक कलाकारों के आग्रह पर स्वर्गीय श्री खुमान साव की स्मृति को चिर स्थायी बनाये रखने के लिए उनकी मूर्ति की स्थापना करने, उनकी स्मृति में हर वर्ष समारोह के आयोजन और कला के क्षेत्र में उनके नाम पर पुरस्कार स्थापित करने की घोषणा की। 
मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय श्री खुमान साव के चित्र और अस्थि कलश पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के निर्माण और छत्तीसगढ़िया लोगों में स्वाभिमान जगाने में छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों का अविस्मरणीय योगदान है। मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय श्री खुमान साव से जुड़े संस्मरणों को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा है कि श्री साव का निधन छत्तीसगढ़ के लोककला जगत के लिए अपूर्णीय क्षति है। 
लोक कलाकार श्रीमती ममता चंद्राकर, श्रीमती सीमा कौशिक, श्रीमती कविता वासनिक, श्री दीपक चंद्राकर सहित अनेक कलाकारों ने स्वरांजलि के माध्यम से स्वर्गीय श्री साव को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ियापन को बढ़ाने की जरूरत है क्योंकि छत्तीसगढ़ियापन में प्रेम और भाईचारा है, जिसकी देश ही नहीं पूरे विश्व में जरूरत है। छत्तीसगढ़ की पहचान छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति से है, जिसे हमस ब को मिलकर बरकरार रखना होगा। 
कार्यक्रम में उपस्थित गृहमंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, नगर निगम रायपुर के महापौर श्री प्रमोद दुबे ने भी इस अवसर पर अपने विचार प्रकट किये। 

मंगलवार, 11 जून 2019

दंतेवाड़ा जिले के डिपाजिट 13 के संबंध में सांसद श्री बैज और पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री नेताम के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की

मुख्यमंत्री ने तत्काल: वन कटाई पर रोक लगाने, अवैध वन कटाई और फर्जी ग्राम सभा की जांच कराने तथा परियोजना से संबंधित कार्यों पर रोक लगाने के निर्देश दिए

रायपुर,छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के ग्राम हिरोली में एन.एम.डी.सी. बैलाडीला लौह अयस्क खान परियोजना दंतेवाड़ा के डिपाजिट 13 के संबंध में आज मंत्रालय में बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री दीपक बैज और पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री अरविंद नेताम के नेतृत्व में बस्तर से आए प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान बस्तर के अन्य विधायक भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधि मंडल की बातों को पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता से सुना और कहा कि इस मामलें में राज्य शासन की जो भूमिका है, उसे निभाया जाएगा। इस अवसर पर राज्य शासन के वन मंत्री मोहम्मद अकबर भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिनिधि मंडल के द्वारा इस क्षेत्र में अवैध रूप से वनों की कटाई की शिकायत की जांच की जाएगी तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह प्रभावित क्षेत्र में वन कटाई का कार्य तत्काल रोका जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि संबंधित क्षेत्र में परियोजना से संबंधित संचालित कार्यो पर भी रोक लगाई जाएगी। प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि खदान हस्तानांतरण आदि प्रक्रिया में ‘पंचायत स्तर पर विस्तार का कानून अधिनियम 1996 (पेशा)‘ के तहत वर्ष 2014 में कराए गए ग्राम सभा का पालन नहीं किया गया तथा फर्जी रूप से ग्राम सभा आयोजित की गई। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि फर्जी ग्राम सभा के आरोप की जांच कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधि मंडल की मांग पर कहा कि संबंधित विषयों पर भारत सरकार द्वारा पत्राचार किया जाएगा और जनभावना की भी जानकारी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया की राज्य शासन अपने क्षेत्राधिकार की कार्रवाई करेगा लेकिन खदान पर आधिपत्य एवं स्वामित्व भारत सरकार के एन.एम.डी.सी. का है और उन्हें ही खदान के संबंध में कोई भी निर्णय लेने का अधिकार है।
प्रतिनिधि मंडल ने इस क्षेत्र के निवासियों द्वारा एन.एम.डी.सी. तथा सी.एम.डी.सी. द्वारा अडानी इंटरप्राईसेस के माध्यम से माईनिंग कार्य के विरोध की जानकारी दी और यहां के आदिवासियों की जनभावनाओं, स्थितियों और मुद्दों की जानकारी दी। प्रतिनिधि मंडल ने अपने मांगों पर आधारित एक ज्ञापन भी मुख्यमंत्री को सौंपा। उन्होंने मुख्यमंत्री को प्रतिनिधि मंडल के बातों पर तत्काल सकारात्मक पहल करने के लिए धन्यवाद भी दिया। प्रतिनिधि मंडल में विधायक सर्वश्री मोहन मरकाम, रेखचन्द जैन, विक्रम मंडावी, पूर्व विधायक देवती कर्मा, इंटक के प्रतिनिधि देशमुख सिंग, सर्व आदिवासी समाज के नवल किशोर मंडावी भी उपस्थित थे। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्री आर.सी. खेतान, आर.पी. मंडल, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री राजेश तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री गौरव द्विवेदी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री राकेश चतुर्वेदी भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय श्री विद्याचरण शुक्ल को उनकी पुण्यतिथि पर दी विनम्र श्रद्धांजलि

रायपुर, मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय श्री विद्याचरण शुक्ल को उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री बघेल आज सवेरे यहाँ लाभांडी स्थित राधेश्याम भवन पहुंचे और वहां स्वर्गीय श्री विद्याचरण शुक्ल की समाधि पर तथा उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में 2 मिनट का मौन रखकर स्वर्गीय श्री शुक्ल को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय श्री विद्याचरण शुक्ल को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि स्वर्गीय श्री शुक्ल अनेक वर्षों तक केंद्र में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते रहे, छत्तीसगढ़ के लिए उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झीरम घाटी के हमले में कांग्रेस के अनेक नेता शहीद हुए, स्वर्गीय श्री विद्याचरण शुक्ला ने 85 वर्ष की उम्र में चार गोलियां झेलीं और 25 मई से 11 जून 2013 तक वे जीवन-मृत्यु के बीच संघर्ष करते रहे, 11 जून 2013 को उनका निधन हो गया। श्रद्धांजलि सभा में राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल, विधायक सर्वश्री सत्यनारायण शर्मा, धनेंद्र साहू, विकास उपाध्याय, श्रीमती अनिता शर्मा, रायपुर नगर निगम के महापौर श्री प्रमोद दुबे सहित अनेक जनप्रतिनिधि और प्रबुद्ध नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

बुधवार, 5 जून 2019

केशवनगर और नयनपुर के किसानों की तकदीर बदलेगी

सौर सामुदायिक सिंचाई योजना से सिंचाई का रकबा 185 एकड़ बढ़ेगा
गांव में पांच एचपी के 60 सोलर पंप लगाए जाएंगे


रायपुर, 05 जून 2019/ सूरजपुर जिले के ग्राम केशवनगर में रेहर नदी पर बनाए गए एनीकट में सौर सामुदायिक सिंचाई योजना के पूर्ण होने पर यहां किसान तीन फसल ले सकेंगे। इन किसानों ने कल केशवनगर की चौपाल में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से मुलाकात की और उन्हें गांव में स्थापित की जा रही इस योजना के बारे में बताया। 

ग्राम केशवनगर एवं नयनपुर के मध्य से रेहर नदी होकर गुजरती है, जिस पर जल संसाधन विभाग द्वारा एनीकट भी बनाया गया है। जिससे नदी में वर्ष भर पानी की उपलब्धता रहती है। ग्राम केशवनगर एवं नयनपुर में कुल 144 कृषकों की 185 एकड़ भूमि में सौर सामुदायिक सिंचाई योजना के तहत सिंचाई हेतु 60 नग 5 एच.पी. क्षमता के डी.सी. सोलर सरफेस पंप की स्थापना की जा रही है। जिसमें से 24 नग सोलर पंप स्थापित हो चुके हैं, शेष 36 नग सोलर पंप के स्थापना का कार्य प्रगति पर है।

सोलर पंप स्थापना के पूर्व कृषकों द्वारा सिर्फ एक फसल ही ला जा रही थी। किसान सिंचाई के साधन के अभाव में दूसरे कृषकों की जमीन पर मजदूरी कर गुजारा कर रहे थे। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण गरीब तबके के किसानों के लिए डीजल पंप-केरोसीन पंप से सिंचाई कर पाना संभव नहीं था। पानी की उपलब्धता होने से सोलर पंप लग जाने से कृषकों में काफी उत्साह है। 


किसान साग-सब्जियां इत्यादि लगाने के साथ ही नदी किनारे फलदार पौधे भी लगाए जा रहे हैं। योजना को सफल बनाने किसान सोलर पंप के माध्यम से सिंचाई कर 3 फसल लेने के लिए संकल्प भी लिया गया है। इस सौर सामुदायिक सिंचाई योजना से कृषकों की आय में वृद्धि होगी एवं जीवन स्तर में भी सुधार होगा।

मुख्यमंत्री ने विश्व पर्यावरण दिवस पर राजीव स्मृति वन में पीपल का पौधा रोपा

पर्यावरण संतुलन के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण की आवश्यकता - श्री भूपेश बघेल

         
रायपुर, 05 जून 2019/ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज शाम राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड़ स्थित राजीव स्मृति वन में विश्व पर्यावरण दिवस पर पीपल का लगभग 12 फीट लम्बा पौधा लगाया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा, पूर्व सांसद श्रीमती करुणा शुक्ला और रायपुर नगर निगम की पूर्व महापौर डॉ. किरणमयी नायक सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री राकेश चतुर्वेदी सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे।

         मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि आज पर्यावरण के लिए काम करने की आवश्यकता है। छत्तीसगढ़ में 44 प्रतिशत वन क्षेत्र है, लेकिन कई स्थानों पर बिगड़े वन हैं। वहां वृक्षारोपण करना चाहिए। इसके साथ ही साथ आबादी और शहरी क्षेत्रों तथा औद्योगिक क्षेत्रों में पर्यावरण संतुलन के लिए बड़े पैमाने पर वृक्ष लगाने की आवश्यकता है, जिससे वायु प्रदूषण में कमी आए। 

प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री को बताया कि वर्ष 2001 के फरवरी माह में राजीव स्मृति वन का कार्य शुरू हुआ था। एक नवम्बर 2001 में सांसद श्रीमती सोनिया गांधी ने बरगद का पौधा रोपकर स्मृति वन का शुभारंभ किया था। पूर्व में यहां केवल बबूल के पेड़ थे। लगभग 64 एकड़ के रकबे में विकसित राजीव स्मृति वन में वर्तमान में लगभग 9 हजार वृक्ष लगे हुए हैं। यहां लोग अपने परिजनों की स्मृति में भी वृक्ष लगाते हैं। श्री चतुर्वेदी ने यह जानकारी भी दी कि इस वर्ष बारिश शुरू होने के बाद प्रदेश भर में शासकीय और निजी भूमि पर लगभग सात करोड़ पौधे रोपे जाएंगे। 

मुख्यमंत्री ने ईदगाहभाठा पहुंचकर लोगों को दी ईद की मुबारकबाद

रायपुर, मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज सवेरे ईद-उल-फितर के मौके पर राजधानी रायपुर के ईदगाह भाठा मैदान पहुंचे । मुख्यमंत्री ने वहां मुस्लिम समाज के लोगों से बड़ी आत्मीयता के साथ मुलाकात की, उन्हें गले लगाया और ईद की मुबारकबाद दी।
इस अवसर पर विधायक सर्वश्री सत्यनारायण शर्मा और श्री कुलदीप जुनेजा, नगर निगम रायपुर के पार्षद श्री एजाज ढेबर, श्री रमेश वार्ल्यानी, जामा मस्जिद के इमाम श्री अहमद कारी, सर्वश्री मोहम्मद अहमद, रुस्तम अहमद सहित समाज के अनेक पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे। इसके पहले ईदगाह में समाज के लोगों ने ईद की नमाज अदा की।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ईद की मुबारकबाद देने वनमंत्री के घर पहुचे रामुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज सवेरे ईद-उल-फितर के मौके पर वन एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर के मौहदापारा स्थित घर पहुंचकर उन्हें ईद की मुबारकबाद दी। श्री बघेल ने इसके पहले ईदगाह भाठा स्थित मोहम्मद अमजद, बैरन बाजार स्थित सर्वश्री हसन खान, हमीद हयात और नयापारा गौसिया चौक स्थित श्री सलाम रिजवी और श्री नाजिम निजाम के घर पहुंचकर उन्हें ईद की मुबारकबाद दी।

मंगलवार, 4 जून 2019

असल छत्तीसगढ़िया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल : अभी पुरखा के सपना पूरा होना बाकी हे !

वैभव बेमेतरिहा, रायपुर। मध्यप्रदेश से अलग राज्य बनने के 19 साल बाद मैं व्यक्तिगत तौर पर अनुभव कर पा रहा हूँ कि अब तक की चार सरकारेें मैंने जो देखी है उसमें असल छत्तीसगढ़िया मुख्यमंत्री का अनुभव भूपेश बघेल में ही कर पा रहा हूँ. यह बात मैं मुख्यमंत्री की तारीफ में नहीं कह रहा हूँ बल्कि अभी तक के उनके नीति-नियत में अगर शराबबंदी को अलगकर अन्य कार्यों की ओर का ज़िक्र करूँ तो यही दिख रहा है.

मसलन अगर छत्तीसगढ़ के चार चिन्हारी…नरवा-गरवा, घुरवा-बारी का ही अनुभव करके देखें तो यह सिर्फ नारा ही नहीं लगता बल्कि इससे एक जुड़ाव हर छत्तीसगढ़ियों को होता है. ये और बात है कि छत्तीसगढ़ की असल चिन्हारी यहाँ की बोली-भाषा है. वह बोली-भाषा जो बीते 19 सालों से अभी तक उपेक्षित रहा है. जिसे बीते सरकार ने सिर्फ राजभाषा का दर्ज दें खान-पूर्ति तक ही सीमित रखा. उसे आगे बढ़ाने का काम नहीं किया. ये और बात है कि छत्तीसगढ़ी का इस्तेमाल सरकारी विज्ञापनों में खूब हुआ, लेकिन पढ़ाई-लिखाई या सरकारी काम-काज में नहीं. क्योंकि छत्तीसगढ़ी हो या गोंडी-हल्बी या कोड़ूक-सरगुजही यह नेताओं के भाषणों की भाषा यहाँ बनकर रह गई है.

खैर यहाँ भाषा पर बात होगी तो मैं विषय केन्द्रित नहीं रह पाऊँगा. इसलिए फिलहाल असल छत्तीसगढ़िया भूपेश बघेल क्यों मुझे लग रहा है यह बताना जरूरी है. दरअसल अभी तक यही हो रहा था कि छत्तीसगढ़िया लोग खुद को दबे-कुचले हुए पा रहे थे. अधिकारियों की तानशाही और गैर छत्तीसगढ़ियापन वाला रवैय्या इस प्रदेश में इस तरह हावी हो रहा था कि उसमें मूल छत्तीसगढ़िया खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे थे. भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री बनने के बाद खास तौर पर गाँव के लोगों को ये लगा है कि हो न हो इस नेता में छत्तीसगढ़ियापन तो झलकता है.
यहाँ बात भूपेश बघेल की तारीफ कि नहीं बल्कि मैंने अभी तक जो देखा वहीं लिख रहा हूँ. क्योंकि भूपेश बघेल जब बतौर मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ी में शपथ नहीं ले पाए थे तो उनसे पहली प्रेसवार्ता में सवाल करने वाला मैं ही था कोई और नहीं. खैर सोचने वाले जो भी सोचे लेकिन उन्हें यह बात तो माननी पड़ेगी, उन अधिकारियों की तरह जो अभी तक मंत्रालय से छत्तीसगढ़ियों को दरकिनार करके रखे थे. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की कोशिश यही होती है कि अधिक से अधिक संवाद अपनी मातृभाषा छत्तीसगढ़ी में ही करेें. वैसे जब राहुल गांधी की मौजूदगी में नवा रायपुर में पहला कार्यक्रम सरकार बनने के बाद हुआ था तो उसमें बघेल से लेकर महंत तक ने छत्तीसगढ़ी में भाषण दिया था. इसके बाद यह भूपेश बघेल के छत्तीसगढ़ियापन का ही असर था कि विधानसभा के भीतर पहली बार मुख्यमंत्री से लेकर विधानसभा अध्यक्ष और नेता-प्रतिपक्ष सहित बड़ी संख्या में विधायकों ने छत्तीसगढ़ी में शपथ लिया था. उन विधायकों ने भी जिनकी मातृभाषा छत्तीसगढ़ी नहीं है. मैं यही कह रहा हूँ कि भूपेश बघेल के छत्तीसगढ़ियापन में कोई बनवाटीपन नहीं दिखता पूर्व के सरकारों की तरह.
ऐसी बात नहीं कि भूपेश बघेल ही छत्तीसगढ़ी में संवाद करते हैं कोई और नहीं. उनसे बेहतर छत्तीसगढ़ी और मीठ छत्तीसगढ़ी अजीत जोगी बोलते हैं. वैसे ये भी बात नहीं कि जोगी शासनकाल में छत्तीसगढ़ियापन न झलका हो. उस दौर में ही आंशिक रूप से छत्तीसगढ़ी में शिक्षा की शुरुआत हुई थी. वैसे भी स्वभाव और प्रभाव से जो लोकप्रियता ठेठ छत्तीसगढ़िया अंदाज वाले नेता के रूप में अजीत जोगी को प्राप्त है फिलहाल वैसा किसी को नहीं. लेकिन शासन तंत्र में छत्तीसगढ़ियापन को स्थापित जोगी नहीं कर पाए थे. और यही स्थिति तीन बार के मुख्यमंत्री रहे डॉ. रमन सिंह के साथ रही. उनके शासकाल में छत्तीसगढ़ी भाषा को राजभाषा का दर्जा तो मिला. लेकिन वे अपने 15 साल के शासनकाल में ठेठ छत्तीसगढ़ियापन नहीं ला पाए. जबकि रमन सिंह भी छत्तीसगढ़ी में बखूबी भाषण देते हैं. लेकिन एक सच्चाई जो पूर्व के सरकारों मुझे खलती है रही वह है शासन तंत्र के भीतर का छत्तीसगढ़ियापन.

यहाँ बात छत्तीसगढ़ी योजनाओं की नहीं है. क्योंकि जोगी शासन काल में जोगी डबरी एक योजना भी चली थी और रमन सिंह भी को चावल योजना के बाद चाउर वाले बाबा का तमगा मिला था. लेकिन योजनाओं से इतर बात छत्तीसगढ़ियापन को लेकर है, प्रशासन के भीतर छत्तीसगढ़ी की महत्ता को लेकर है. उसी महत्ता का जिक्र मैं यहाँ कर रहा हूँ. कम से कम भूपेश बघेल ने तो कहा कि अधिकारी छत्तीसगढ़ी में संवाद करें. वैसे करे तक सीमित रखने से काम नहीं चलेगा बल्कि इसे करते हुए दिखाना और बताना भी पड़ेगा.

अब बात उस पहल की ओर जहाँ से नीति और नियत को लेकर एक भरोसा मेरे भीतर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को लेकर जागा है. गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ में एक निर्णायक कदम सरकार उठाने जा रही है यह जानकारी मिली है. जानकारी के मुताबिक सरकार नया रायपुर का नाम अब नवा रायपुर करने जा रही है. यही नहीं अब सभी जगह नया रायपुर की जगह नवा रायपुर ही लिखा जाएगा. सरकार का यह कदम छत्तीसगढ़ में पुरखों के सपनों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है. क्योंकि पूर्व की सरकार ने छत्तीसगढ़ के पुरखों की उपेक्षा में कहीं कोई कमी नहीं की है. ऐसे में छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वप्नदृष्टा डॉ. खूबचंद के साथ भूपेश बघेल न्याय करेंगे ऐसी उम्मीद मैं कर सकता हूँ. उम्मीद है कि छत्तीसगढ़ के महानायक वीरनारायण सिंह, गैंद सिंह, गुण्डाधूर, महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव, गुरु घासीदास, मिनी माता, पं. सुंदरलाल शर्मा, ठा. प्यारेलाल, बैरिस्टर छेदीलाल, चंदूलाल चंद्राकर, पं. श्यामलाल के सपनों को साकार भूपेश बघेल करेंगे.
उम्मीद यह भी कर सकता हूँ कि भूपेश बघेल के कदम नवा रायपुर तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आगे बढ़ते हुए जल्द ही वे अपने, हमारे पुरखों के सपनों का छत्तीसगढ़ गढ़ेंगे.  नया रायपुर से नवा रायपुर अटल नगर के भीतर प्रतिमाओं से लेकर चौक-चौराहों के नाम भी हमें अपने पुरखों के नाम पर रखने होंगे जिन्होंने पृथक छत्तीसगढ़ का सपना देखा था.  नई पीढ़ी को उन पुरखों के बारे में बताना होगा जो अपने प्रदेश में भूला दिए गए हैं. सरकार की योजनाओं में छत्तीसगढ़ के उन विभूतियों के नाम रखने होंगे जिन्हें हमने अभी तक राष्ट्रीय पटल पर स्थापित ही नहीं किया है. वैसे सबसे बड़ी उम्मीद प्रदेश के मुखिया होने के नाते भूपेश बघेल से यह भी मेरी है कि जल्द प्रदेश के स्कूलों में मातृभाषा में पढ़ाई वे शुरू कराएंगे. जहाँ हल्बी-गोंडी, सरगुजी, कोड़ूक को सम्मान मिलेगा. जहाँ छत्तीसगढ़ी में सरकारी काम-काज होंगे. जहाँ हमारी मातृभाषा में बस्तर लेकर सरगुजा तक चौक-चौराहों के नाम लिखें होंगे. जहाँ हमारे पुरखों के पदचिन्ह हमें मिलेंगे. जहाँ हर कदम पर हम सबकों गर्व से यही एहसास होगा, भारत माँ के रतन बेटा बढ़िया अँव ग….मैं छत्तीसगढ़िया अँव ग…

जब महिला ने सीएम से किया सवाल- किसान के करजा माफ, हमर बर का होही सरकार ? देखिए वीडियो

मुस्कुराकर बघेल ने बताया पूरा हाल…’कहा- तुंहरो हित बर होही’
रोहित कश्यप, मुंगेली- सुराजी गांव योजना के तहत मुंगेली के लोहदा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सीएम और ग्रामीणों के बीच संवाद के समय उस वक्त दिलचस्प नजारा देखने और सुनने को मिला. जब एक महिला सीएम भूपेश बघेल से पूछने लगी कि आपने उन लोगों का कर्जा तो माफ कर दिया जो लोग कर्ज लिए थे. और जो लोग नहीं लिए थे उनके लिए क्या किया? महिला के सवाल को सुनते ही पहले तो सीएम थोड़ी देर मुस्कुराए, फिर महिला को समझाते हुए बोले कि मैं अपनी पीड़ा को क्या बताऊं?

छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार बनते ही हमने किसानों का कर्जा माफ किया, धान की कीमत में बढ़ोतरी की, जिसके बाद लोकसभा का चुनाव हुआ, जिसमें आप लोगों ने यहां से कांग्रेस के दो ही प्रत्याशी को सांसद बनाकर दिल्ली भेजा. कांग्रेस ने ये घोषणा किया था कि अगर देश में कांग्रेस की सरकार बनती है तो गरीबों को 72 हजार रुपए सलाना दिया जाएगा.

अगर देश में हमारी सरकार बनती तो फायदा होता कि नई होता. आप लोगों को 72 हजार रुपए मिलता की नहीं, लेकिन देश में हमारी सरकार नहीं बन पाई. फिर भी हम छत्तीसगढ़ के एक-एक व्यक्ति को लाभ मिले ऐसी हमारी योजना है. हालांकि इस दिलचस्प नजारा को देखते ही भीड़ से ठहाके की आवाज गूंजने लगी. जिसके बाद सीएम भूपेश बघेल खुद भी हंसने लगे.

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