मंगलवार, 24 दिसंबर 2019

दुर्ग निगम में भाजपा की करारी हार: बड़े पदों पर बैठे सभी के रिस्तेदार हारे चुनाव

दक्षिणापथ, दुर्ग। 20 वर्षों तक दुर्ग नगर निगम में भाजपा का वर्चस्व कामय रहा। सरकार बदलने के साथ ही निगम की सत्ता पर भी भाजपा धाराशाही हो गई। 60 वार्डो में भाजपा महज 16 वार्ड ही जीत पाए। दुर्ग नगर निगम प्रदेश का सबसे ज्यादा हाईप्रोफाईल माना जाता हैं। यहां सांसद सरोज पाण्डेय का वर्चस्व शहरी सत्ता एवं संगठन पर कायम रहा हैं। किंतु इस चुनाव के पूर्व संगठन चुनाव एवं वार्ड पार्षद चुनाव के टिकट वितरण को लेकर भाजपा में भारी आक्रोश देखा गया था। जिसके चलते भाजपा के दर्जन भर से अधिक बागी उम्मीदवार के रूप में भाजपा कार्यकर्ता चुनाव लड़े संभवत: यही भाजपा का हार का कारण बना। टिकट वितरण में खुल कर परिवार वाद भी दिखी। जिला भाजपा अध्यक्ष उषा टावरी के भाई कमल टावरी, महापौर चंद्रिका चंद्राकर के पति रत्नेश चंद्राकर, महामंत्री डोमार सिंह वर्मा के पुत्र देवानंद वर्मा, शिव चंद्राकर की पत्नी ज्योति चंद्राकर को टिकट दिया गया था। किंतु ये सभी चुनाव हार गए। ऐसे में प्रश्न उठना स्वभाविक है कि दुर्ग भाजपा किस ओर जा रही हैं। बीते लोकसभा चुनाव में भाजपा सांसद विजय बघेल दुर्ग के 60 वार्डो में 64 हजार के लीड लेकर जीते थे। महज 6 महीना में दुर्ग भाजपा 16 वार्डो में सीमटकर रह गई। चुनाव के बाद हार-जीत का ठिगरा किस पर फूटेगा देखने वाली बात होगी।

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