शनिवार, 14 दिसंबर 2019

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंगा सफाई अभियान की समीक्षा की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय गंगा परिषद की पहली बैठक की अध्यक्षता की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान गंगा की सफाई के लिए सरकार के महत्वकांक्षी स्वच्छता, अविरलता और निर्मलता के मंत्र को दोहराया। पीएम मोदी ने नमामी गंगे को अर्थ गंगा के रुप में विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया। इसके जरिेए आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिए जाने की कोशिश की जानी है। 
इस प्रकिया के तहत किसानों को सतत कृषि गतिविधियों में हिस्सा लेने, ज़ीरो बज़ट कृषि शामिल है। इसके अलावा वॉटर स्पोर्ट्स के लिए बुनियादी ढांचे के विकास, कैंप साइट्स का विकास जैसे मुद्दों पर बात की गई। इससे धार्मिक के साथ साथ एडवेंचर पर्यटन क्षमता को बढ़ावा मिलेगा। ईको-टूरिज्म, गंगा के वन्य जीव संरक्षण और पोतविहार  से जो आमदनी होगी वो गंगा की सफाई के काम आएगा।
बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अटल घाट से गंगा में नौका विहार किया। उन्होंने गंगा सफाई के लिए सिसामऊ नाले पर हुए काम का निरीक्षण किया और कानपुर में गंगा स्वच्छता पर जानकारी ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्मल गंगा के लिए नागरिकों से जनांदोलन में भाग लेने पर जोर दिया। 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल डैशबोर्ड बनाने का भी सुझाव दिया जिसके जरिए नीति आयोग और जलशक्ति मंत्रालय को गांवों और शहरों का डाटा दिन प्रति दिन निगरानी के लिए मिल सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आकांक्षी जिलों की तरह ही गंगा के किनारे बसे जिलों की निगरानी नमामी गंगे परियोजना के तहत की जाना चाहिए।
सरकार ने स्वच्छ गंगा फंड का गठन किया है। जिसमें कोई भी व्यक्ति, एनआरआई, कॉरपोरेट संस्था गंगा के पुनरोद्धार के लिए अपना योगदान दे सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने उपहारों की नीलामी और सियोल शांति पुरस्कार की कुल 16.53 करोड़ रुपए की धनराशि को स्वच्छ गंगा फंड में भेंट किया था। 
इससे पहले पीएम मोदी ने स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आज़ाद को अपनी श्रद्धांजलि भेंट की और चंद्रशेखर आज़ाद कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित प्रदर्शिनी का अवलोकन किया।


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें