सोमवार, 23 दिसंबर 2019

नागरिकता संशोधन विधेयक के समर्थन में भाजयुमों का जन जागरण रैली



जिला भाजपाध्यक्ष अनिल सिंह ठाकुर ने कहा कि यह अधिनियम केवल पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के अल्पसंख्यक जो कि धार्मिक प्रताडऩा की वजह से अपना देश छोड़कर वर्ष 2014 के पहले भारत में बस चुके हैं ऐसे हिन्दू, ईसाई, सिख, जैन, बौद्ध व पारसी को भारतीय नागरिकता देने के लिए कानून है इस कानून के तहत सिर्फ नागरिकता देने की बात कही गई है किसी से भी नागरिकता लेने की बात नहीं कही गई हंै। भाजयुमो जिला अध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी ने कहा उक्त बिल के साथ एनआरसी को जोड़कर भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है जो कि पूर्णत: गलत है अभी सिर्फ असम में ही एनआरसी की घोषणा हुई है पूरे देश में एनआरसी की घोषणा नहीं हुई है और जब देशभर में एनआरसी की घोषणा हुई ही नहीं है तो इसका विरोध करने का कोई औचित्य ही नहीं है।
कार्यक्रम में प्रमुख रुप से जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष पटेल, जिला महामंत्री गोपाल साहू, सुरेश दुबे, नरेंद्र, भुनेश्वर पटेल, राजा टाटिया, चंदन पटेल, लेखु बाबा, नरेंद्र मानिकपुरी, खिलेश्वर साहू, सानू साहू, सौरभ सिंह, सागर साहू, रामविलास चंद्रवंशी, नेहा शर्मा, पंचराम कोसले, देवा चौबे, लोकनाथ देवांगन, संजय शर्मा, अमित चंद्रवंशी, मिथलेश बंजारे, मीनू साहू, दानी राम, कौशल राजपूत, योगेश ठाकरे, अमृत साहू उपस्थित रहे।
उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम नागरिकता देने के लिए बना कानून है इसमें किसी की नागरिकता खत्म करने का कोई प्रावधान शमील नहीं है। भारतवर्ष में रहने वाले किसी भी जाति धर्म के व्यक्ति को नागरिकता संशोधन कानून से कोई खतरा नहीं है और ना ही के व्यक्ति से किसी भी प्रकार की डॉक्यूमेंट मांगी जाएगी।
देश में नागरिकता संशोधन अधिनियम कानून बनने के उपरांत विपक्षी दलों सहित असामाजिक तत्वों के द्वारा इसके विरोध में भ्रामक प्रचार कर हिंसक आंदोलन को समर्थन किया जा रहा है जिसके विरोध में आज भारतीय जनता युवा मोर्चा कबीरधाम के द्वारा बस स्टैंड चौक से लेकर एकता चौक ऋषभदेव चौक महावीर स्वामी चौक होते हुए आजाद चौक में सभा के रूप में रैली संपन्न हुई। जिसमें राजनांदगांव के सांसद संतोष पाण्डे ने कहा कि विपक्षी दल सहित कुछ असामाजिक तत्व अनुचित राजनीतिक लाभ लेने अफवाह फैला कर देश का माहौल बिगडऩा चाहते हैं इसलिए हमें ऐसे अफवाहों से बचना चाहिए और देश हित में बने इस कानून के समर्थन में अपना अभिमत स्पष्ट करना चाहिए।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें